‘बातचीत कहानी का सारांश और नोट्स’ (Batchit Story Summary & Notes) बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी अध्ययन सामग्री है। इस निबंध के लेखक बालकृष्ण भट्ट भारतेंदु युग के प्रमुख निबंधकार और आधुनिक हिंदी गद्य के आदिपुरुष माने जाते हैं।
उन्होंने अपनी रचना ‘बातचीत’ में बोलने की शक्ति (वाक्शक्ति) को ईश्वर का अमूल्य उपहार बताया है, जिसके बिना यह सृष्टि गूंगी हो जाती। यह निबंध मनुष्य की बातचीत की कला, उसके सामाजिक और मानसिक प्रभाव, तथा आत्म-संलाप (खुद से बात करने) की महत्ता को सुंदर और सहज भाषा में प्रस्तुत करता है। यहाँ आप पाएँगे — लेखक का परिचय, मुख्य प्रश्नोत्तर, वस्तुनिष्ठ प्रश्न, और ‘बातचीत कहानी का संक्षिप्त सारांश’ एक ही स्थान पर।
यह नोट्स बिहार बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी और सरल रूप में तैयार किए गए हैं।
बातचीत कहानी का सारांश और नोट्स (Class 12th Hindi Batchit Story Summary & Notes Free PDF)
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बातचीत कहानी का सारांश और नोट्स | Class 12th Hindi Batchit Story Notes – PDF
‘बातचीत कहानी का सारांश और नोट्स (Batchit Story Notes)’ बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी है। इस निबंध के लेखक बालकृष्ण भट्ट, भारतेंदु युग के प्रसिद्ध निबंधकार थे, जिन्होंने ‘बातचीत’ में वाक्शक्ति को मनुष्य का अमूल्य वरदान बताया है। यह रचना आत्मीयता, संवाद और आत्म-संलाप की महत्ता को सरल भाषा में समझाती है। यह नोट्स परीक्षा की तैयारी के लिए संक्षिप्त, सटीक और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री प्रदान करता है।
बातचीत (कहानी) – बालकृष्ण भट्ट : लेखक का परिचय और नोट्स
लेखक परिचय :
- जन्म: 23 जून, 1844
- निधन: 20 जुलाई 1914
- निवास-स्थान: इलाहाबाद, उत्तरप्रदेश
- माता: पार्वती देवी (इन्होंने ही बालकृष्ण भट्ट के मन में अध्ययन की रुचि एवं लालसा जगाई)।
- पिता: बेनी प्रसाद भट्ट (एक व्यापारी)।
- शिक्षा:
- प्रारंभ में संस्कृत का अध्ययन किया।
- 1867 में प्रयाग के मिशन स्कूल से एंट्रेंस की परीक्षा दी।
- वृत्ति/कार्य:
- 1869 से 1875 तक प्रयाग के मिशन स्कूल में अध्यापन किया।
- 1888 में कायस्थ पाठशाला इंटर कॉलेज में अध्यापक नियुक्त हुए, किंतु उग्र स्वभाव के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी और उसके बाद से लेखन कार्य पर ही निर्भर रहे।
- रचनात्मक सक्रियता:
- भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रेरणा से 1877 में ‘हिंदी प्रदीप’ नामक मासिक पत्र निकालना प्रारंभ किया।
- इसे वे 33 वर्षों तक चलाते रहे।
- आलोचक मत: आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने निबंधकार के रूप में उन्हें अंग्रेजी साहित्य के एडीसन और स्टील की श्रेणी में रखा है।
प्रमुख रचनाएँ :
- उपन्यास: नूतन ब्रह्मचारी, सौ अजान एक सुजान, रहस्य कथा, सद्भाव का अभाव।
- नाटक: नल दमयंती या दमयंती स्वयंवर, रेल का विकट खेल, बालविवाह।
- प्रहसन: जैसा काम वैसा परिणाम, नई रोशनी का विष, आचार विडंबन।
- निबंध: 1000 के आस-पास निबंध। (भट्ट निबंधमाला नाम से दो खंडों में संग्रह प्रकाशित)।
‘बातचीत’ निबंध का संक्षिप्त गद्यांश सारांश
लेखक परिचय और मुख्य बिंदु
- बालकृष्ण भट्ट भारतेंदु युग के प्रमुख साहित्यकारों में से एक हैं।
- उन्हें आधुनिक हिंदी गद्य के आदि निर्माताओं में से एक माना जाता है।
- उन्हें आधुनिक हिंदी आलोचना का जन्मदाता भी कहा जाता है।
- उनके निबंधों का संग्रह ‘भट्ट निबंधमाला’ नाम से प्रकाशित है।
- उन्होंने ‘हिंदी प्रदीप’ पत्रिका का संपादन 1877 में शुरू किया।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने उन्हें हिंदी का ‘एडीसन’ कहा है।
- प्रस्तुत निबंध ‘बातचीत’ एक आत्मपरक (व्यक्तिगत) निबंध है।
बातचीत कहानी का सारांश – (Batchit Story Summary)
बालकृष्ण भट्ट द्वारा रचित ‘बातचीत’ एक आत्मपरक निबंध है, जिसमें लेखक ने वाक्शक्ति को ईश्वर का अनमोल वरदान बताया है, जिसके बिना यह सृष्टि गूंगी रह जाती।
बालकृष्ण भट्ट के अनुसार, बातचीत ही वह माध्यम/जरिया है जिससे हमारे मन का मैला या धुआँ बाहर निकलकर चित्त को हल्का और स्वच्छ करता है।
उन्होंने अपने निबंध में बेन जॉनसन के मत को शामिल किया है, जिसमें कहा गया है कि मनुष्य का वास्तविक स्वभाव बोलने से ही सामने आता है और एडीसन के विचार का समर्थन किया है कि असली बातचीत केवल दो व्यक्तियों में संभव है।
विभिन्न प्रकार की बातचीत (दो बुड्ढों, दो सहेलियों की) और यूरोप की ‘आर्ट ऑफ कनवरसेशन’ का उल्लेख करते हुए, लेखक अंततः निष्कर्ष निकालते हैं कि बातचीत का उत्तम तरीका स्वयं में आत्म-संलाप (खुद से बात करने) की शक्ति विकसित करना है।
इस आत्म-संलाप द्वारा मनुष्य अपने क्रोध और बाहरी झगड़ों से मुक्त होकर एक शांत और नवीन संसार की रचना कर सकता है।
बातचीत कहानी का सारांश – (Batchit Story Summary) – FAQ ❓
प्रश्न #1. अगर मनुष्य में वाक्शक्ति न होती, तो क्या होता?
उत्तर : यदि मनुष्य में वाक्शक्ति (बोलने की शक्ति) न होती, तो यह सृष्टि गूंगी प्रतीत होती। बालकृष्ण भट्ट के ‘बातचीत निबंध (Batchit Story Summary)’ में लेखक ने बताया है कि वाणी ही मनुष्य को श्रेष्ठ बनाती है।
प्रश्न #2. ‘आर्ट ऑफ कनवरसेशन’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : ‘आर्ट ऑफ कनवरसेशन’ का अर्थ है बातचीत करने की कला। यह यूरोप के लोगों में अत्यधिक विकसित है, जहाँ लोग चतुराई, विनम्रता और मिठास के साथ बातचीत करते हैं।
प्रश्न #3. बालकृष्ण भट्ट का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर : बालकृष्ण भट्ट का जन्म 23 जून 1844 ई० को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
प्रश्न 4. बातचीत निबंध के प्रश्न उत्तर PDF कहाँ से डाउनलोड करें?
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प्रश्न 5. बातचीत कहानी का सारांश और PDF Notes कैसे पढ़ें?
उत्तर : बातचीत का सारांश, प्रश्न उत्तर और PDF आप आसानी से BiharBoardQuestionBank.com से डाउनलोड कर सकते हैं। यहाँ Class 12 Hindi के सभी अध्यायों के Question Bank और Notes भी उपलब्ध हैं।
Batchit Story Summary & Notes PDF Download Link
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निष्कर्ष (Conclusion) :
‘बातचीत कहानी का सारांश और नोट्स (Batchit Story Summary & Notes)’ के माध्यम से हम यह समझ पाते हैं कि वाक्शक्ति केवल बोलने की कला नहीं, बल्कि मनुष्य के व्यक्तित्व का दर्पण है। बालकृष्ण भट्ट ने इस निबंध में बातचीत की गहराई, आत्म-संलाप की शक्ति और संवाद के सौंदर्य को अत्यंत सहज और शिक्षाप्रद रूप में प्रस्तुत किया है। यह रचना विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा की तैयारी में सहायक है, बल्कि जीवन में संतुलित व विचारशील संवाद की प्रेरणा भी देती है।